बाधा हो पग- पग पर 
ह्रदय में हो आशा 
चेतन हो कितना भी आहत 
विश्राम नहीं पथ पर 
उज्जवल हो अभिलाषा 


थक कर चूर हुए कभी 

श्रम पथ पर 
तो सम्पूर्ण कर्म भाव 
प्रभु चरणो में 
अर्पित कर देना 
परम मानसिक 
शुद्ध शारीरिक ऊर्जा 
प्रयोग कर 
लक्ष्य देखना, लक्ष्य भेदना 
आगे बढ़ जाना 
आगे बढ़ जाना