हर्ष है , शोक है
तृष्णा है तो तृप्ति भी है
क्या कुछ नहीं है
इस जीवन में
संघर्ष है तो सफलताएं भी है
घृणा है तो प्रेम भी है
भीड़ है तो
तन्हाईयाँ भी है
तस्वीरें है तो यादे भी है
बिछुड़ना है तो मिलना भी है
सुखा है तो बरसात भी है
रात है तो चाँद भी है
क्या कुछ नहीं है
इस जीवन में

