होठ उठे जब
लहरो कि तरहा
बाल लहराये
घटाओ की तरहा
दिल के कोने से
आवाज आयी
तार बज उठा
और मन के
रंगो से
तस्वीर सजायी Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
लहरो कि तरहा
बाल लहराये
घटाओ की तरहा
दिल के कोने से
आवाज आयी
तार बज उठा
और मन के
रंगो से
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झुकी पलके जब
शाम हो गयी
साँवली सी रात में
चाँद जेसे निकल गया
जमीं पर रखते
ही पैर
पायलो का होश
खो गया
उठे होठ जब
लहरो कि तरहा
सागर का भी होश
खो गया
सागर का भी होश
खो गया

