तेरी आहट
अंधेरो से चिरागो की हकीकत बयाँ करने की जरुरत नहीं तेरी एक आहट ही बहुत है मेरा घर गिराने के लिए
अंधेरो से चिरागो की हकीकत बयाँ करने की जरुरत नहीं तेरी एक आहट ही बहुत है मेरा घर गिराने के लिए
ढका बादलो ने चाँद को ऐसे प्रियतम की राह देखती गौरी जैसे माथे पर बिंदिया ऐसे दमके चाँद ऊपर तारा जैसे चमके चांदनी रात में बादल ऐसे गहराए गौरी का…
मै धड़कता हूँ मुझे कोई दिल कहने की खता ना करे मै तड़पता हूँ चाँदनी रातो में मुझे कोई चकोर कहने की खता ना करे मै दबा हुआ हूँ अभी…
बाधा हो , हो पग-पग पर, ह्रदय में हो आशा, चेतन हो कितना भी आहत , विश्राम नहीं पथ पर , विश्राम नहीं पथ पर, हो एक उज्जवल अभिलाषा । …