दिखावा………क्या है तुम्हारे पास ???
पूछा है ये सवाल बार-बार मेरे मन ने मुझसे समुद्र सी गहराई उठती हुई लहरो की चंचलता है तुम्हारे पास ? सोन्दर्य, यौवन से पूर्ण , भव्य नदियो के मिलन …
पूछा है ये सवाल बार-बार मेरे मन ने मुझसे समुद्र सी गहराई उठती हुई लहरो की चंचलता है तुम्हारे पास ? सोन्दर्य, यौवन से पूर्ण , भव्य नदियो के मिलन …
अब तो आदत सी हो गयी है , तुम बिन जीने की। रिश्तो के दर्द भी, अंधेरो में पीने की। हर शाम गिरता हूँ , उठता हूँ , कभी तेरी…
नेता कुर्सी पर जब सवार हो गया तो , आदर्श कुर्सी के पीछे टँग कर रह गया । कितना भ्रष्ट , असभ्य, धोखेबाज, ये नेता हो गया । घूस-खोरी, चापलूसी,…
ऐ ख़ुदा ! टीस जख्मों की, बर्दास्त करूँ तो मगर, दिल कि दीवारो पे, तेरे नाम के सिवा, निशाँ कोई मंजूर नही । यूँ अब दवा तो, जीने का एक…