प्रेरणा
पग - पग हो बाधा पर लक्ष्य देखना आगे बढ़ जाना गीता सार यहीं प्रत्यक्ष समाना आहत हो तो फिर चल जाना एकरूप देखना आत्मविश्वास जगाना ह्रदय में मात्र एक भाव प्रेम रख …
पग - पग हो बाधा पर लक्ष्य देखना आगे बढ़ जाना गीता सार यहीं प्रत्यक्ष समाना आहत हो तो फिर चल जाना एकरूप देखना आत्मविश्वास जगाना ह्रदय में मात्र एक भाव प्रेम रख …
यौवन चंचल, है मदभरा भँवरे की गुंजन फूलो की खशबू दौड़ते -भागते हिरनों सागर की उठती लहरो सतरंगी इन्द्रधनुष क्षितिज को छूने वाला मनमोहक हरा- भरा यौवन चंचल है यौवन उत्सुकता है …
खड़ा हूँ, सूखे पैड सा, मेरी शाखाओ पर रहने वाले सारी रात चिं -चिं और उछल -कूद करने वाले पक्षियों ने अब घोंसले दूर कहीं बना लिए है हवा के झोंके…
अब तो आदत सी हो गयी है तुम बिन जीने की रिश्तो के दर्द भी अंधेरो में पीने की गिर जाता हूँ हर रोज़ साँवली शाम के आँचल में तो…
मिट्टी हूँ मै अभी पत्थर बनूँ कैसे ? बिखर ना जाऊं ज़र्रे-ज़र्रे में कहीं इस ज़र्रे को पत्थर बनाऊं कैसे ? ख़ामोश है वो क्योंकि भगवान है वो किसी शिल्पकार के हाथो तराशा…
स्कूल का पी-ओन सी -ऑफ रोबोट सूरज सवेरे ८ बजे आकर खोल देता है दफ्तर व्यवश्थित कर अपनी पैन्ट्री पानी की बोतले, गिलास आदि अध्यापक कक्ष में रख देता है सजाकर।…
दामिनी वेदना झकजोर गयी हो आत्म मंथन के लिए छोड़ गई हो कब तक देखें मरते हुए, नारी को गाँवो से लेकर शहर की सड़को तक खेत से लेकर ,दफ्तर…
हर एक सुबह एक गाँव , एक शहर सड़क पर निकल जाता है गाँव साइकिल पर काम की तलाश में और शहर पैदल मन को सकून देने वाली समीर की…
सुबह का समय सूरज, सवेरे सुबह ८ बजे आकर ही दफ्तर खोल देता है और सबसे पहले ताजा पानी भरने का काम करता है। अपनी पेन्ट्री को साफ़ व्यवस्थित करने…