प्रेरणा

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  • Post published:18/04/2015
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पग - पग हो बाधा   पर लक्ष्य देखना  आगे बढ़ जाना  गीता सार यहीं  प्रत्यक्ष समाना  आहत हो तो   फिर चल जाना  एकरूप देखना  आत्मविश्वास जगाना  ह्रदय में मात्र  एक भाव प्रेम रख …

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यौवन

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  • Post published:18/04/2015
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यौवन चंचल,  है मदभरा  भँवरे की गुंजन  फूलो की खशबू  दौड़ते -भागते हिरनों  सागर की उठती लहरो  सतरंगी इन्द्रधनुष  क्षितिज को छूने वाला  मनमोहक हरा- भरा  यौवन चंचल है यौवन उत्सुकता है …

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बूढ़ा पैड सो गया !

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  • Post published:17/04/2015
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खड़ा हूँ,  सूखे पैड सा,  मेरी शाखाओ पर रहने वाले  सारी रात चिं -चिं और  उछल -कूद करने वाले  पक्षियों ने अब घोंसले  दूर कहीं बना लिए है  हवा के झोंके…

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रिश्तो का दर्द

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  • Post published:16/04/2015
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अब तो आदत सी हो गयी है  तुम बिन जीने की  रिश्तो के दर्द भी  अंधेरो में पीने की गिर जाता हूँ हर रोज़ साँवली शाम के आँचल में  तो…

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पत्थर बनूँ कैसे ?

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  • Post published:16/04/2015
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मिट्टी हूँ मै अभी  पत्थर बनूँ  कैसे ? बिखर ना जाऊं  ज़र्रे-ज़र्रे में कहीं  इस ज़र्रे को  पत्थर बनाऊं कैसे ?  ख़ामोश है वो  क्योंकि भगवान है वो  किसी शिल्पकार के हाथो  तराशा…

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स्कूल का पी-ओन सी -ऑफ रोबोट सूरज

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  • Post published:11/04/2015
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स्कूल का पी-ओन  सी -ऑफ रोबोट सूरज  सवेरे ८ बजे आकर  खोल देता है दफ्तर  व्यवश्थित कर अपनी पैन्ट्री  पानी की बोतले, गिलास आदि  अध्यापक कक्ष में रख देता है सजाकर।…

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दामिनी

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  • Post published:10/04/2015
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दामिनी वेदना झकजोर गयी हो आत्म मंथन के लिए छोड़ गई हो कब तक देखें मरते हुए, नारी को गाँवो से लेकर शहर की सड़को तक खेत से लेकर ,दफ्तर…

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Labour Chouk: गाँव साइकिल पर 

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हर एक सुबह  एक गाँव , एक शहर  सड़क पर निकल जाता है  गाँव साइकिल पर  काम की तलाश में  और शहर पैदल  मन को सकून देने वाली  समीर की…

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स्कूल का पिओन रोबोट – सी ऑफ टू सूरज

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  • Post published:01/02/2015
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 सुबह का समय  सूरज, सवेरे सुबह ८ बजे आकर ही दफ्तर खोल देता है और सबसे पहले ताजा पानी भरने का काम करता है। अपनी पेन्ट्री को साफ़ व्यवस्थित करने…

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