प्रेरणा
पग - पग हो बाधा पर लक्ष्य देखना आगे बढ़ जाना गीता सार यहीं प्रत्यक्ष समाना आहत हो तो फिर चल जाना एकरूप देखना आत्मविश्वास जगाना ह्रदय में मात्र एक भाव प्रेम रख …
पग - पग हो बाधा पर लक्ष्य देखना आगे बढ़ जाना गीता सार यहीं प्रत्यक्ष समाना आहत हो तो फिर चल जाना एकरूप देखना आत्मविश्वास जगाना ह्रदय में मात्र एक भाव प्रेम रख …
यौवन चंचल, है मदभरा भँवरे की गुंजन फूलो की खशबू दौड़ते -भागते हिरनों सागर की उठती लहरो सतरंगी इन्द्रधनुष क्षितिज को छूने वाला मनमोहक हरा- भरा यौवन चंचल है यौवन उत्सुकता है …
खड़ा हूँ, सूखे पैड सा, मेरी शाखाओ पर रहने वाले सारी रात चिं -चिं और उछल -कूद करने वाले पक्षियों ने अब घोंसले दूर कहीं बना लिए है हवा के झोंके…
अब तो आदत सी हो गयी है तुम बिन जीने की रिश्तो के दर्द भी अंधेरो में पीने की गिर जाता हूँ हर रोज़ साँवली शाम के आँचल में तो…