सुबह की रात
ना जाने कब इस सुबह की रात हो जाय मिलते रहा करो यूँ ही ,जाने कब समय की चाल रूक जाये
ना जाने कब इस सुबह की रात हो जाय मिलते रहा करो यूँ ही ,जाने कब समय की चाल रूक जाये
आज पीछे मुड़कर देखता हूँ तो सोचता हूँ कि दिन में सपने देखना बुरा नहीं था । ये अलग बात रही की उन सपनो को पूरा करने के लिए…
बड़े ही असमंजस और दुःख के साथ कम्प्यूटर विशेषज्ञ की दुकान से वापिस लौटा, निराशा की किरण ने दस्तक तो दी लेकिन स्वयं की आशावादी प्रकर्ति ने उसको अंदर आने…
Do you think that Study is a difficult job for you? If your answer is yes, then before I let you know what is the solution of it I want…