रिश्तो में पड़ी दरार
Ref:pixabay आधार प्रेम का विशवास का कम ही होगा वरना कभी ऐसा तो नहीं था कि हमारे -तुम्हारे बीच के फासले आज यूँ ही बढ़ गए विरुद्ध हो गया…
Ref:pixabay आधार प्रेम का विशवास का कम ही होगा वरना कभी ऐसा तो नहीं था कि हमारे -तुम्हारे बीच के फासले आज यूँ ही बढ़ गए विरुद्ध हो गया…
तूफ़ान उठता है मेरे सीने में भी मगर तेरे शहर की हवाओ से अलग है वो रौशनी होती है मेरे दिल के कोने में भी मगर तेरे शहर के उजाले…
कुछ तो शराफत तेरे शहर में पहले से ही कम थी। कुछ हम तेरी गली से निकल गये। कुछ शराफ़त तेरे लिबास में पहले से ही कम थी कुछ हमे…
जीवन के इस पथ पर बढ़ा जा रहा हूँ मौसम बदल रहे हैं कभी वर्षा, कभी तूफ़ान तो कभी पतझड़ आ रहे हैं सब वो ही है वो ही…