तुम लौट आओ कि यादो के दिए बुझने लगे
तुम लौट आओ कि यादो के दिए बुझने लगे हैं उखड़ती हुई सांसो की आहट से सजे हुए सपने टूटने लगे जाओ ना इतनी दूर हमसे कि रातो में फिर …
तुम लौट आओ कि यादो के दिए बुझने लगे हैं उखड़ती हुई सांसो की आहट से सजे हुए सपने टूटने लगे जाओ ना इतनी दूर हमसे कि रातो में फिर …
जो चाहो तो उठा लो पत्थर चाहे तो गले लगा लो मेरी आदत ही कुछ ऐसी अब बन गयी है यारो। हकीकत के लिए जो तुम्हारे सामने मुझको खड़ा करने…
Need of Women Empowerment and Social Reformation It was vary different situation for me when I started think to write my feelings about the women empowerment and need of social…
झुका के गर्दन जो हम निकले गली से वो समझे बेसहारा, मायूस हो गए उनको खबर क्या हम दर्द पलकों पे उनका कितना उठा ले गए तरसते थे पहचान को…