दर्द भी अँधेरा भी
अब तो आदत सी हो गयी है , तुम बिन जीने की। रिश्तो के दर्द भी, अंधेरो में पीने की। हर शाम गिरता हूँ , उठता हूँ , कभी तेरी…
Articles and poetry are part of this section. Sometimes shayri and shayrana andaaj reflect in a busy schedule. All are listed here without any rule of literature. Feelings at a different time and expression in poetic words.
अब तो आदत सी हो गयी है , तुम बिन जीने की। रिश्तो के दर्द भी, अंधेरो में पीने की। हर शाम गिरता हूँ , उठता हूँ , कभी तेरी…
नेता कुर्सी पर जब सवार हो गया तो , आदर्श कुर्सी के पीछे टँग कर रह गया । कितना भ्रष्ट , असभ्य, धोखेबाज, ये नेता हो गया । घूस-खोरी, चापलूसी,…
समर्पण करना चाहता हूँ , तुमको आँसू , वेदनाएँ असहाए पीड़ा , भूख ईर्ष्या-द्वेष और रिश्तो में छिपायी हुई नफरत, ठहाको के पीछे, खड़े , शोषण के विचार । मानसिक…
जंगल उजाड़े पशु-पक्षी मारे अब धरोहर को मिटाना है । आधुनिकीकरण की राह में पर्यावरण उजड़ा अन्न उपजाऊ भूमि पर इमारतो का निर्माण सड़को के नाम पर लाखो-करोड़ों, पैड काटे…
दर्द हवा में और , घायल जिस्म जमीं पे पड़े हैं , कोई पत्थर, शायद किसी मंदिर -मस्जिद को छुआ है । आज की शाम, दर्द -ऐ -हवा , रुक-रुक…
जिंदगी ने यूँ तो मुझको , रोका है हर मोड़ पर, दीवार बनके , "दिल सीने में , दफ़न करके," यूँ कुछ गुजरा हूँ मैं, अक्सर तूफ़ान बनके । बने…
आज फिर उन सभी की इच्छा रखने पर , मै पिक्चर देखने के लिए तैयार हो गया, फिर मन मै वो ही कशमश थी लेकिन जल्दी ही मेने उससे अपना…
इस कविता में एक लड़का आठ -नौ साल का , जो थका , भूखा सा एक पुरानी लम्बी सी शर्ट और फटी हुई पैंट पहेने हुए फल बेच रहा है…
A good foundation for a learner and reader is what?... it is a piece of original work and culture of the native country to the mind, if one can provide…
In AC room, Vimal was sitting in his wheelchair and was looking at a portrait with an innocent gaze continuously, in which one child was trying to catch the SUN.…