दिखावा………क्या है तुम्हारे पास ???
पूछा है ये सवाल बार-बार मेरे मन ने मुझसे समुद्र सी गहराई उठती हुई लहरो की चंचलता है तुम्हारे पास ? सोन्दर्य, यौवन से पूर्ण , भव्य नदियो के मिलन …
Articles and poetry are part of this section. Sometimes shayri and shayrana andaaj reflect in a busy schedule. All are listed here without any rule of literature. Feelings at a different time and expression in poetic words.
पूछा है ये सवाल बार-बार मेरे मन ने मुझसे समुद्र सी गहराई उठती हुई लहरो की चंचलता है तुम्हारे पास ? सोन्दर्य, यौवन से पूर्ण , भव्य नदियो के मिलन …
अब तो आदत सी हो गयी है , तुम बिन जीने की। रिश्तो के दर्द भी, अंधेरो में पीने की। हर शाम गिरता हूँ , उठता हूँ , कभी तेरी…
नेता कुर्सी पर जब सवार हो गया तो , आदर्श कुर्सी के पीछे टँग कर रह गया । कितना भ्रष्ट , असभ्य, धोखेबाज, ये नेता हो गया । घूस-खोरी, चापलूसी,…
समर्पण करना चाहता हूँ , तुमको आँसू , वेदनाएँ असहाए पीड़ा , भूख ईर्ष्या-द्वेष और रिश्तो में छिपायी हुई नफरत, ठहाको के पीछे, खड़े , शोषण के विचार । मानसिक…