पग – पग हो बाधा
पर लक्ष्य देखना
आगे बढ़ जाना
गीता सार यहीं
प्रत्यक्ष समाना
आहत हो तो
फिर चल जाना
एकरूप देखना
आत्मविश्वास जगाना
ह्रदय में मात्र
एक भाव प्रेम रख
स्व प्रेरित होना
समर्पण करना
लक्ष्य प्राप्ति हेतू
कर्म सार हो
जीवन का मधुर
संगीत है गाना

