स्थायीत्व की खोज
जीवन के इस पथ पर बढ़ा जा रहा हूँ मौसम बदल रहे हैं कभी वर्षा , कभी तूफान तो कभी पतझड़ आ रहे हैं सब वो ही है वो ही…
जीवन के इस पथ पर बढ़ा जा रहा हूँ मौसम बदल रहे हैं कभी वर्षा , कभी तूफान तो कभी पतझड़ आ रहे हैं सब वो ही है वो ही…
सौंदर्य, सौंदर्य से ही विलासिता जीवन का एकाकीपन और वैराग्यता सौन्दर्यता प्रकर्ति की स्त्री की सौन्दर्यता रेगिस्तान में तपती रेत की पतझड़ में सूखे पत्तो की काले बादलो में दौड़ती बिजली की सौन्दर्यता…
बाधा हो पग- पग पर ह्रदय में हो आशा चेतन हो कितना भी आहत विश्राम नहीं पथ पर उज्जवल हो अभिलाषा थक कर चूर हुए कभी श्रम पथ पर तो…
पग - पग हो बाधा पर लक्ष्य देखना आगे बढ़ जाना गीता सार यहीं प्रत्यक्ष समाना आहत हो तो फिर चल जाना एकरूप देखना आत्मविश्वास जगाना ह्रदय में मात्र एक भाव प्रेम रख …