तुम लौट आओ
कि यादो के दिए
बुझने लगे हैं
उखड़ती हुई सांसो की
आहट से
सजे हुए सपने
टूटने लगे
जाओ ना इतनी दूर हमसे
कि रातो में फिर
चाँद-सितारो से बात करने लगे
तुम लौट आओ
कि यादो के दिए बुझने लगे है.
कि यादो के दिए
बुझने लगे हैं
उखड़ती हुई सांसो की
आहट से
सजे हुए सपने
टूटने लगे
जाओ ना इतनी दूर हमसे
कि रातो में फिर
चाँद-सितारो से बात करने लगे
तुम लौट आओ
कि यादो के दिए बुझने लगे है.
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